Tuesday, 13 December 2011

तानसेन समारोह उदघाटन एक शर्मनाक दिन

शर्मनाक दिन तानसेन समारोह का स्थान परिवर्तित कर उसे राजमहल परिसर में आयोजित किया गया जबकि तानसेन को सच्ची श्रधांजलि सिर्फ वहीँ हो सकती हे जहाँ उनकी रूह है | कई श्रोता भी इस बात से रुष्ट दिखाई दिए और कुछ बहुत आहात और हद तो तब और हो गई जब उदघाटन अवसर पर मध्यप्रदेश के संस्कृति मंत्री कहते हैं तानसेन खयाल गायकी के उस्ताद थे, वित्त मंत्री कहते हैं ग्वालियर ,संगीत और कालिदास का गहरा सम्बन्ध है ! ये हैं हमारे नेता ................ 

No comments:

Post a Comment